स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) 2 अक्टूबर, 2014 को शुरू किया गया था ताकि 2 अक्टूबर, 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलिस्वरूप स्वच्छ भारत का उद्देश्य पूरा किया जा सके।
यह अभियान एक समेकित दृष्टिकोण है और देश में खुले में शौच को रोकने, स्वच्छता में सुधार और सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज प्राप्त करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए सबसे बड़े अभियानों में से एक है। स्वच्छ भारत मिशन में ग्रामीण और शहरी दोनों घटक हैं - स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)। इस मिशन में पारिवारिक सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करना तथा ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन आदि जैसे घटक शामिल हैं।
स्वच्छ भारत संबंधी उप-समूह का गठन 9 मार्च 2015 को (और आंशिक रूप से 24 मार्च 2015 को आशोधित) 8 फरवरी 2015 को आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की पहली बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसरण में किया गया था। इसमें आंध्रप्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सदस्य के रुप में और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री इस उप-समूह के संयोजक के रूप में शामिल हैं।
उप-समूह ने गैर-सदस्य राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया और 14 अक्टूबर, 2015 को अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी।
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