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मानव पूंजी परिवर्तन के लिए संधारणीय कार्रवाई (एसएटीएच)

मानव पूंजी परिवर्तन के लिए संधारणीय कार्रवाई हेतु 'साथ' कार्यक्रम दो मुख्य क्षेत्रों - शिक्षा और स्वास्थ्य और तीन 'रोल मॉडल' राज्य बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है।

 

SATH

 

चुनौती विधि पर आधारित एक विस्तृत चयन प्रक्रिया के बाद, तीन राज्यों अर्थात् झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा को परियोजना के लिए चुना गया। इस कार्यक्रम को ज्ञान भागीदारों बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) और शिक्षा नेतृत्व के लिए पीरामल फाउंडेशन (पीएफईएल) संघ और इस प्रक्रिया में सुविधा-प्रदाता और समन्वयक के रूप में नीति आयोग के साथ इन राज्यों में कार्यान्वित किया जा रहा है।

 

यह परियोजना 30 महीनों की अवधि में तीन चरणों में कार्यान्वित की जा रही है, जो 2020 में समाप्त हो रही है। परियोजना के दो चरण पूरे हो चुके हैं। यह अब कार्यान्वयन के तीसरे चरण में है, जो 18 महीने तक चलेगा।

 

परियोजना एसएटीएच - शिक्षा के तहत प्रमुख उपलब्धियां शामिल हैं:

 

  • झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश के जिलों और स्कूलों में गहनता से जमीनी मूल्यांकन

  • सभी तीन राज्यों के लिए राज्य परिवर्तन रोडमैप जारी किया गया है, जिसमें प्रत्येक पहल के लिए प्रतिबद्ध त्रैमासिक लक्ष्य शामिल हैं।

  • जिला और राज्य स्तर पर गहन अंत:क्षेप जैसे स्कूल विलय, सुधारात्मक कार्यक्रमप्रशिक्षण, शिक्षक भर्ती की / युक्तिकरण की निगरानी, संस्थागत पुनर्गठन और एमआईएस का उचित उपयोग जनवरी, 2018 से निष्पादन प्रक्रिया में है।

 

परियोजना की प्रगति की निगरानी राष्ट्रीय स्तर पर एक राष्ट्रीय संचालन समूह (एनएसजी) और केंद्रीय परियोजना निगरानी इकाई (सीपीएमयू) के माध्यम से और राज्य स्तर पर राज्य परियोजना निगरानी इकाई (एसपीएमयू) द्वारा की जा रही है।