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श्री वी.के. सारस्वत

श्री वी.के. सारस्वत

श्री वी.के. सारस्वत

सदस्य, नीति आयोग

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डॉ. विजय कुमार सारस्वत, चार दशकों से अधिक की सरकारी सेवा के बाद, डीआरडीओ के सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए। वह आईआईएससी बैंगलोर से एमई हैं और उस्मानिया विश्वविद्यालय से पीएचडी और बुनियादी और प्रयुक्त दोनों विज्ञानों में रक्षा अनुसंधान में विशाल अनुभव वाले एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक हैं।

 

अपने शानदार करियर के दौरान, डॉ. सारस्वत को (i) मिसाइलों जैसे पृथ्वी, धनुष, प्रहार और अग्नि-5 के स्वदेशी विकास (ii) दो-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (बीएमडी) सिस्टम का विकास (iii) लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस की प्रारंभिक परिचालन मंजूरी और परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत का श्रेय दिया गया है।

 

डीआरडीओ के सचिव के रूप में डॉ. सारस्वत ने (i) परमाणु सिद्धांत का समर्थन करने के लिए रणनीतिक परमाणु संपत्तियों के लिए कमांड, नियंत्रण, संचार, भंडारण, परिवहन और नियोजन अवसंरचना की स्थापना    (ii) लम्बी दूरी की सब-सोनिक क्रूज मिसाइलों की उड़ान का मूल्यांकन (iii) आने वाली (दुश्मन) बैलिस्टिक मिसाइलों, कमान नियंत्रण और संचार नेटवर्क की निगरानी के लिए  लंबी दूरी के राडार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को दुश्मन बैलिस्टिक मिसाइल खतरे से रक्षा के लिए निर्णय सहायता प्रणाली सहित कमान केंद्र (iv)  साइबर सुरक्षा के लिए आक्रामक और रक्षात्मक तकनीकों के विकास के लिए साइबर सुरक्षा अनुसंधान और विकास केंद्र की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

होमी भाभा अध्यक्ष प्रोफेसर और आईओसीएल आर एंड डी के परामर्शदात के रूप में, वैकल्पिक ऊर्जा प्रणालियों जैसे स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियां, उच्च दक्षता केंद्रित सौर ऊर्जा प्रणाली, जैव-ऊर्जा और हाइड्रोजन आधारित अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक रोड मैप विकसित किया। वर्तमान में ये आईओसीएल आर एंड डी के अनुसंधान सलाहकार परिषद के अध्यक्ष हैं।

 

एनटीपीसी आर एंड डी सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के रूप में इसी तरह की वैकल्पिक ऊर्जा प्रौद्योगिकी विकास आयोजना तैयार की गई है जिसमें स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों जैसे एकीकृत गैसीकरण और संयुक्त चक्र प्रणाली, 40% से बेहतर क्षमता और अत्यधिक कम ग्रीनहाउस उत्सर्जन पर कार्य करने वाले उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट पर ध्यानकेंद्रित किया गया है।

 

फोटोनिक्स इंक यूएसए के सहयोग से तेलंगाना में तेलंगाना सरकार की पहल फोटोनिक्स वैली कॉर्पोरेशन की स्थापना करके सिलिकॉन-फोटोनिक्स तकनीक के विकास के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया। यह अगली पीढ़ी के नेटवर्क जैसे 5G और सुपर कंप्यूटरों के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला होगा।

 

भारतीय माइक्रोप्रोसेसर के विकास संबंधी समिति के अध्यक्ष के रूप में आईओटी, स्मार्ट सिटीज और अन्य आईसीटी अनुप्रयोगों के लिए एम-प्रोसेसर के विन्यास को विकसित करने के लिए एक टीम का नेतृत्व किया, सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग, सीडीएसी, आईआईटी (एम), आईआईटी (बी) और एससीएल चंडीगढ़ के साथ विकास के लिए कार्यनीति तैयार की। आईआईटी (बी)  और आईआईटी (एम)  में दो उपकरण पहले से ही विकसित किए जा चुके हैं।

 

भारतीय रेलवे के लिए भारतीय रेलवे अनुसंधान संस्थान (श्रेष्ठ) की स्थापना के लिए एक संकल्पना दस्तावेज का विकास किया, जो आगामी कार्यक्रमों जैसे हाई स्पीड रेल सिस्टम और डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर में स्वदेशी डिजाइनों और विनिर्माण को बढ़ावा देगा और रेलवे में अनुसंधान और विकास के एक नए युग की शुरूआत करेगा।

 

सदस्य, नीति आयोग के रूप में इन्होंने परिवहन, ऊर्जा उत्पादन और रसायनों, उर्वरकों आदि के उत्पादन के लिए "मेथनॉल अर्थव्यवस्था" विकसित करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया। मेथनॉल अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ने के लिए उत्पादन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और पेट्रो-रिफाइनरियों को एक सामान्य मंच पर लाया गया है। एम-15 गैसोलीन मिश्रण, मेथनॉल कुक स्टोव और अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए मेथनॉल ईंधन चालित प्रणोदन तथा मेथनॉल-ईंधन वाले जेनसेट को देश में "मेथनॉल अर्थव्यवस्था" पहल के हिस्से के रूप में पेश किया जा रहा है। शैक्षणिक और उद्योग क्षेत्रक में हाई ऐश मात्रा वाले भारतीय कोयले के गैसीकरण में आर एंड डी गतिविधि शुरू की गई है।

 

तकनीकी वस्त्र संबंधी एक समिति की अध्यक्षता की और भारत में सामरिक और बैलिस्टिक जरूरतों के लिए कार्बन और अरामिड जैसे तकनीकी वस्त्र और फाइबर के स्वदेशी उत्पादन के लिए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भारत में तकनीकी वस्त्रों के भविष्य के विकास के लिए इस क्षेत्रक में अनुसंधान और विकास अवसंरचना पुनर्जीवित करने के लिए रोडमैप तैयार किया।

 

एक समिति की अध्यक्षता की और "रोड मैप फॉर मेक इन इंडिया इन बॉडी आर्मर" शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, बीआईएस द्वारा बॉडी आर्मर के संबंध में भारतीय मानक जारी किए, कार्बन नैनो ट्यूब आदि पर अनुसंधान एवं विकास कार्य किया।

 

राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग सिस्टम के विकास के लिए एक अधिकार-प्राप्त तकनीकी सलाहकार समिति का नेतृत्व किया। विकास के लिए विन्यास और कार्यनीति विकसित की गई है और एक बहु-संगठन मिशन के रूप में कार्यक्रम शुरू किया गया है।

 

इन्होंने कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं और उनमें से सबसे उल्लेखनीय है पद्म श्री (1998), पद्म भूषण (2013)। उन्हें 25 से अधिक विश्वविद्यालयों द्वारा मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया है, जिनमें से नवीनतम जामिया हमदर्द (2018) है।