शिक्षा
अर्थशास्त्र में पीएच.डी., सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर, गुजरात।
क्षेत्रीय एवं शहरी नियोजन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा, स्कूल ऑफ प्लानिंग, अहमदाबाद।
ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर उपाधि (मास्टर्स), बेंगलुरु विश्वविद्यालय।
पूर्व सेवाएँ
- सदस्य, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (वर्ष 2025 से)।
- मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के आर्थिक सलाहकार (2017–26)।
- प्रधान वैज्ञानिक, नीति एवं प्रभाव, एशिया प्रभाग, अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान , हैदराबाद (2014–18)।
- मुख्यमंत्री, कर्नाटक सरकार के आर्थिक सलाहकार (2008–13)।
- चाणक्य विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में प्रोफेसर एमेरिटस (वर्ष 2022 से)।
- सामाजिक वैज्ञानिक, अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान, कोलंबो (1992–96)।
- अतिथि वरिष्ठ अनुसंधान फेलो, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान , वाशिंगटन डी.सी. (1997–2001 के दौरान तीन बार)।
- प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, पारिस्थितिक अर्थशास्त्र एवं प्राकृतिक संसाधन केंद्र, सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन संस्थान , बेंगलुरु (1996–2013)।
- अनुसंधान एसोसिएट, ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आनंद, गुजरात (1984–88)।
- क्षेत्रीय योजनाकार, योजना आयोग, भारत सरकार की कृषि-जलवायु क्षेत्रीय नियोजन इकाई (1988–90)।
- परामर्शदाता, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक तथा एसआईडीए।
उपलब्धियाँ
- वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश राज्य के लिए एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की अवधारणा तैयार की तथा उसके विकास एवं प्रगति की प्रभावी निगरानी की।
- कर्नाटक एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को आर्थिक कार्यनीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण आर्थिक परामर्श प्रदान किया।
- विभिन्न वस्तुओं एवं उप-क्षेत्रों के आधार पर सकल मूल्य वर्धन का विश्लेषण किया।
- विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी-जन सहभागिता मॉडल का गठन किया।
- बड़े शोध एवं विकास परियोजनाओं हेतु राज्य सरकारों के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध संगठनों का सफल समन्वय एवं सहयोग स्थापित किया।
- लगातार पाँच वर्षों तक जिला स्तर के सकल घरेलू उत्पाद के आकलन का निर्माण एवं विकास किया।
- भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए फसल बीमा, कृषि बाजार सुधार तथा लघु किसानों हेतु लघु सिंचाई प्रणालियों से संबंधित कार्यनीतिक दस्तावेज तैयार किए।
- भारत में किसानों की आय दोगुनी करने हेतु संरचनात्मक सुधारों एवं सुशासन तंत्र पर एक स्वतंत्र ग्रंथ का लेखन किया।
- भारत में किसानों की आय दोगुनी करने हेतु संरचनात्मक सुधारों एवं सुशासन तंत्र पर एक स्वतंत्र ग्रंथ का लेखन किया।
- कोलंबो, कंबोडिया एवं बांग्लादेश के प्राथमिक क्षेत्र से संबंधित कार्यों में योगदान दिया।
- 26 पुस्तकों एवं 102 शोध-पत्रों का प्रकाशन किया।
विशेषज्ञता
- राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर के विकास हेतु दीर्घकालिक विज़न, कार्यनीतियों एवं कार्ययोजनाओं का निर्माण।
- जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक क्षेत्र के जीडीपी का आकलन; जिसमें कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं वानिकी शामिल हैं।
- उपर्युक्त विकास योजनाओं के लिए प्रभावी अनुवर्ती कार्रवाई, निगरानी तंत्र एवं डैशबोर्ड का विकास।
- वैज्ञानिक, प्रशासनिक एवं निजी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ समन्वय।
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के साथ सहयोग।
- सार्वजनिक-निजी सहभागिता परियोजनाओं की अवधारणा से लेकर पूर्ण क्रियान्वयन तक का प्रबंधन।
Email:
kv[dot]raju[at]niti[dot]gov[dot]in