Rural Development and Panchayati Raj

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज

संक्ष्प्ति विवरण

नीति आयोग का ग्रामीण विकास और पंचायती राज (आरडी एंड पीआर) प्रभाग ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) और पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) को समग्र नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह प्रभाग सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नीतियों, कार्यक्रमों, कार्यनीतिक ढांचों, शासन सुधारों और विकासपरक पहलों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह नीतिगत अंत:क्षेपों को डिजाइन करने और परिष्कृत करने में संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करता है, साथ ही साक्ष्य-आधारित नीतिगत इनपुट तैयार करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, विकास संबंधी भागीदारों और विषय विशेषज्ञों के साथ सहयोग करता है। विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप, प्रभाग सहभागी शासन को सुदृढ़ करने, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) को सशक्त बनाने, अभिसरण और विकेंद्रीकृत योजना को बढ़ावा देने, प्रभावी अंतिम-छोर तक सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करने और सुदृढ़, समावेशी और स्थानीयकृत ग्रामीण विकास परिणामों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य कार्य
  • प्रारंभिक परियोजना रिपोर्टों के मूल्यांकन के माध्यम से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रक योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं का विश्लेषण करना और टिप्पणियां प्रदान करना; ईएफसी और एसएफसी के तहत प्रस्तावों के लिए विश्लेषण और टिप्पणियां प्रदान करना, कैबिनेट नोटों की समीक्षा करना और उन पर टिप्पणी करना।
  • विभिन्न मुद्दों, नीतियों और योजनाओं पर ग्रामीण विकास विभाग, राज्य सरकारों के साथ-साथ स्थानीय सरकारों के साथ तालमेल।
  • विभिन्न विषयगत क्षेत्रों और वे कारक जो ग्रामीण विकास को प्रभावित करते हैं, उन्हें समर्थन देने वाली बुनियादी ढांचागत प्रणालियां और उन्हें जोड़ने वाले नेटवर्क पर कार्यनीति पत्र विकसित करना। इन क्षेत्रों में, अन्य बातों के अलावा, आवास, रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
  • विभिन्न संगठनों और विकास भागीदारों के साथ अनुसंधान करना और ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के साथ चर्चा करना।
  • डीएमईओ के समन्वय में इन मंत्रालयों/विभागों की योजनाओं के प्रदर्शन की जांच करना।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय, राज्य सरकारों, नागरिक समाज संगठनों के साथ-साथ विभिन्न मुद्दों, नीतियों और योजनाओं पर पीआरआई के साथ तालमेल।
  • पीआरआई विकास के विभिन्न विषयगत क्षेत्रों पर कार्यनीतिक पत्र विकसित करने में अन्य बातों के अलावा ग्रामीण विकास, महिला भागीदारी, क्षमता निर्माण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि शामिल हैं।
  • विभिन्न संगठनों और विकास भागीदारों के साथ अनुसंधान करना और पीआरआई के क्षेत्रों में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के साथ चर्चा करना।
  • पंचायती राज से संबंधित विभिन्न विषयों पर सेमिनार, कार्यशालाएं और हितधारक परामर्श आयोजित करना।
भागीदार
  • राष्ट्रीय श्रम अर्थशास्त्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (निलर्ड)
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), विशाखापत्तनम
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रांची, झारखंड
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), राउरकेला, ओडिशा
  • ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद (आईआरएमए), आनंद, गुजरात
  • भारतीय बिजनेस स्कूल (आईएसबी), अमृतसर, पंजाब
  • दीनदयाल अनुसंधान संस्थान (डीआरआई), चित्रकूट
संबंधित मंत्रालय

ग्रामीण विकास मंत्रालय

पंचायती राज मंत्रालय

रिपोर्ट
शीर्षक डाउनलोड
पंचायती संसाधनों को बढ़ाने के उपाय: प्रायोगिक मूल्यांकन 2018-19 PDF icon
आगामी परियोजनाएं

सतत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पंचायतों को सुदृढ़ करना

अधिकारी निर्देशिका
नाम पदनाम ईमेल
डॉ. (सुश्री) नीलम पटेल कार्यक्रम निदेशक neelam[dot]patel[at]gov[dot]in
श्री अमित भारद्वाज उप सलाहकार amit[dot]bhardwaj[at]gov[dot]in
सुश्री चंदाना गंटा अनुसंधान अधिकारी chandana[dot]ganta[at]gov[dot]in
सुश्री सी. श्यामला आर्थिक अधिकारी cshyamala[at]gov[dot]in
सुश्री सोनाली बनर्जी परामर्शदाता ग्रेड-I sonali[dot]banerjee[at]niti[dot]gov[dot]in
श्री गिरिजा शंकर परामर्शदाता ग्रेड-I girija[dot]shankar[at]niti[dot]gov[dot]in
सुश्री गायत्री दाश यंग प्रोफेशनल gayatreedash[dot]pan[at]nic[dot]in
श्री देवदर्शन चेतिया यंग प्रोफेशनल Devdarshan[dot]c[at]niti[dot]gov[dot]in
श्री हिमांशु देव यंग प्रोफेशनल Himanshu[dot]dev94[at]niti[dot]gov[dot]in