- संक्ष्प्ति विवरण
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रभाग केंद्रीय वैज्ञानिक विभागों/एजेंसियों के सहयोग से देश में विशिष्ट योजनाओं/कार्यक्रमों और नीतियों को तैयार करके विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने के प्रयास में है।
- मुख्य कार्य
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नीति आयोग का एस एंड टी प्रभाग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित सभी मामलों के लिए नोडल प्रभाग है। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, जिसमें वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद भी शामिल है, अंतरिक्ष विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा विभाग जैसे विभागों/एजेंसियों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों की जांच और मूल्यांकन शामिल है।
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यह प्रभाग विभिन्न पहलों जैसे अनुसंधान एवं विकास करने में आसानी, राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को मजबूत करना, भारत सरकार की सभी अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक एकीकृत परियोजना प्रबंधन प्रणाली का विकास, और विश्वविद्यालय-उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने जैसे नीतिगत अंतक्षेपों भी शामिल है। इसके अलावा, यह भारत नवाचार सूचकांक तैयार करने और वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत के प्रदर्शन में सुधार लाना जैसे गतिविधियों भी कार्यरत है।
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- भागीदार
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नीति आयोग के एस एंड टी प्रभाग ने नीति आयोग की विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्राथमिकताओं के समर्थन में और संयुक्त रूप से नीति अंतर्दृष्टि और सिफारिशें विकसित करने के लिए 27 अगस्त 2025 को फाउंडेशन फॉर एडवांसिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंडिया (फास्ट इंडिया) के साथ एक आशय विवरण (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए।
- संबंधित मंत्रालय
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नीति आयोग का एस एंड टी प्रभाग निम्नलिखित केंद्रीय वैज्ञानिक मंत्रालयों/विभागों के साथ सहयोग के लिए नोडल प्रभाग है:
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी)
- वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) जिसमें वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) शामिल है।
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी)
- अंतरिक्ष विभाग (डीओएस)
- परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई)
- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस)
- रिपोर्ट
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वैश्विक नवाचार सूचकांक
नीति आयोग वैश्विक सूचकांकों, जिनमें वैश्विक नवाचार सूचकांक भी शामिल है, में भारत की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए लगातार काम कर रहा है। वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग में सुधार कार्य के लिए नीति आयोग के एसएंडटी प्रभाग नोडल विभाग है। यह विभाग विश्वसनीय डेटा की उपलब्धता में होने वाली कमियों को दूर करने के लिए प्रकाशन एजेंसी विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के साथ-साथ संबद्ध मंत्रालयों के संपर्क में है। नीति आयोग नीतिगत अंत:क्षेप लाने के लिए भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है जो भारत की अंतर्निहित क्षमता का लाभ उठा सकता है। नीति आयोग के निरंतर प्रयासों के कारण, भारत ने अपनी वैश्विक स्थिति में सुधार करते हुए 2019 के 52वें स्थान से 2025 में 38वें स्थान पर पहुंच गया है। एसएंडटी प्रभाग भारत की रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए वैश्विक नवाचार सूचकांक में शीर्ष रैंकिंग पर रहने वाले स्विट्जरलैंड और स्वीडन जैसे देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि उनकी सर्वोत्तम प्रथाओं को समझा जा सके। नवीनतम रिपोर्ट यहां पढ़ें
भारत नवाचार सूचकांक
नीति आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ष भारत नवाचार सूचकांक का विमोचन किया जाता है। यह सूचकांक सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के नवाचार वातावरण के निरंतर मूल्यांकन के लिए एक व्यापक ढांचा बनाने और उनके नवाचार सूचकांक अंकों के आधार पर उन्हें रैंक करने का प्रयास करता है। नीति आयोग इस सूचकांक में अपनी रैंकिंग को सुधारने में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों की मदद भी करता है, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग में सुधार होता है। नवीनतम रिपोर्ट यहां पढ़ें:
राज्य एस एंड टी परिषदों को सुदृढ़ करने के लिए एक रोडमैप
यह रिपोर्ट एक रोडमैप प्रदान करने पर केंद्रित है जो बेहतर समन्वय के लिए संस्थागत और संरचनात्मक सुधारों, वित्तपोषण मॉडल और क्षमता निर्माण के लिए सिफारिशों, प्रौद्योगिकी दूरदर्शिता और मिशन-मोड आर एंड डी पर ध्यान केंद्रित करता है, साथ ही उन तरीकों पर ध्यान केंद्रित करता है जो विश्वविद्यालय, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच बढ़ते हुए संबंधों और सहयोग को प्रोत्साहन देता है, स्थानीयकरण और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप होने के लिए राज्य-विशिष्ट कार्यनीतियाँ बनाने हेतु सुविधा प्रदान करता है। रिपोर्ट यहां पढ़ें:
राज्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों में अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) की संस्कृति में सुधार
नीति आयोग की रिपोर्ट में राज्य के विश्वविद्यालयों में अनुसंधान एवं विकास में प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया है और अनुसंधान संस्कृति और परिणाम को बढ़ावा देने के लिए शासन, वित्तपोषण और उद्योग संबंधों में लक्षित सुधारों की सिफारिश की गई है। यह लगभग 80 नीतिगत अंतक्षेपों और 125 से अधिक प्रदर्शन संकेतकों की सिफारिश करती है, जिसमें बढ़ी हुई वित्तीय स्वायत्तता, उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, एसपीयू के लिए कर छूट और अनुसंधान, शासन और रोजगार क्षमता परिणामों को बढ़ाने के लिए मजबूत उद्योग संबंध शामिल हैं। रिपोर्ट यहां पढ़ें
प्रगति के मार्ग: भारत की नवाचार कहानी का विश्लेषण और अंतर्दृष्टि
यह रिपोर्ट देश के नवाचार परिदृश्य का एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पहल, उद्योग और जमीनी स्तर के प्रयास, एक गतिशील स्टार्टअप संस्कृति का उदय और वैश्विक मानक में भारत की स्थिति शामिल है। यह रिपोर्ट न केवल उपलब्धियों को दर्शाती है, बल्कि संरचनात्मक चुनौतियों की पहचान भी करती है, और साथ ही आने वाले वर्षों में नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कार्रवाई योग्य सिफारिशों को भी प्रस्तुत करती है। रिपोर्ट यहां पढ़ें यहां पढ़ें
भारत में अनुसंधान एवं विकास करने में आसानी
यह रिपोर्ट भारत के अनुसंधान एवं विकास इकोसिस्टम का एक व्यापक मूल्यांकन प्रदान करती है और वित्तपोषण तंत्र, संस्थागत शासन, नियामक ढांचे और अनुवादात्मक अनुसंधान में सुधार पर केंद्रित कार्रवाई योग्य सिफारिशों का एक सेट प्रस्तुत करती है। यह शोधकर्ताओं और संस्थाओं को अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करने में सक्षम बनाने के लिए अधिक विश्वास-आधारित, परिणाम-उन्मुख और सुविधाजनक वातावरण की आवश्यकता पर जोर देती है। रिपोर्ट यहां पढ़ें
- परियोजनाएं
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राज्यों का एस एंड टी आउटलुक
नीति आयोग राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करने और विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) को मजबूत करने के लिए राज्यों के एसएंडटी आउटलुक का डैशबोर्ड विकसित कर रहा है। यह डैशबोर्ड राज्य-स्तरीय शक्तियों को उजागर करने, प्रगति की निगरानी करने और विकसित भारत 2047 के विज़न के अनुरूप डेटा-आधारित योजना को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रमुख इनपुट और आउटपुट संकेतक प्रस्तुत करेगा।
एकीकृत परियोजना प्रबंधन प्रणाली (यूपीएमएस) का परिनियोजन
नीति आयोग, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) के सहयोग से, सरकारी वित्त पोषित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं की निगरानी, रिपोर्टिंग और विश्लेषण को मजबूत करने के लिए एकीकृत परियोजना प्रबंधन प्रणाली (यूपीएमएस) के परिनियोजन पर काम कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य वैज्ञानिक मंत्रालयों और विभागों में पारदर्शिता बढ़ाना, परियोजना प्रबंधन में सुधार करना और सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।
विश्वविद्यालय-उद्योग-सरकार (यूआईजी) सहयोग के लिए रोडमैप
नवाचार, प्रौद्योगिकी अंतरण और अनुसंधान वाणिज्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग विश्वविद्यालय-उद्योग-सरकार (यूआईजी) सहयोग को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप विकसित कर रहा है। यह रोडमैप, शिक्षा जगत के प्रमुख क्षेत्रों, उद्योग, अनुसंधान संस्थाओं और सरकारी हितधारकों के साथ परामर्श कर के चुनौतियों की पहचान करने और नीतिगत उपायों की सिफारिश के लिए, तैयार किया जा रहा है।
संस्थागत अनुसंधान अनुवाद स्कोर
नीति आयोग, फास्ट इंडिया के सहयोग से, अनुसंधान संस्थानों को अपनी अनुवादात्मक अनुसंधान क्षमताओं का आकलन करने और मजबूत करने में सक्षम बनाने के लिए संस्थागत अनुसंधान अनुवाद स्कोर विकसित कर रहा है। यह ढांचा नवाचार और सामाजिक प्रभाव की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उद्योग सहयोग, प्रौद्योगिकी अनुवाद, अनुसंधान परिणाम और संस्थागत नेतृत्व जैसे प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
- अधिकारी निर्देशिका
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नाम पदनाम ईमेल डॉ. विवेक कुमार सिंह कार्यक्रम निदेशक vk[dot]singh78[at]gov[dot]in डॉ. अशोक ए सोनकुसरैं उप सलाहकार a[dot]sonkusare[at]nic[dot]in डॉ. त्यागराजु बी.एम. उप सलाहकार thyagaraju[dot]bm[at]gov[dot]in डॉ. ज़ेबा परामर्शदाता ग्रेड II zeba[dot]s[at]niti[dot]gov[dot]in सुश्री नबा सुरूर परामर्शदाता ग्रेड I naba[dot]suroor[at]nic[dot]in सुश्री सिमरजोत कौर परामर्शदाता ग्रेड I simarjot[dot]kaur[at]niti[dot]gov[dot]in श्री दीपक नारंग परामर्शदाता ग्रेड I narang[dot]deepak[at]niti[dot]gov[dot]in सुश्री तुशा अग्रवाल यंग प्रोफेशनल tusha[dot]agarwal[at]niti[dot]gov[dot]in सुश्री आकांक्षा धमीजा यंग प्रोफेशनल akanksha[dot]dhamija[at]niti[dot]gov[dot]in