State Support Mission

राज्य सहायता मिशन

संक्ष्प्ति विवरण

राज्य सहायता मिशन (एसएसएम) नीति आयोग की चल रही केंद्रीय क्षेत्रक योजना है, जिसे 2022 में सहकारी संघवाद को सुदृढ़ करने और विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विज़न को बढ़ावा देने के अपने अधिदेश को क्रियान्वित करने के लिए शुरू किया गया। इस मिशन को देश के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को संचालित करने में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (यूटी) की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए शुरू किया गया था।

यह मिशन स्टेट इंस्टीट्यूशन्स फॉर ट्रान्सफॉर्मेशन (एसआईटी) की स्थापना या मौजूदा योजना विभागों, योजना बोर्डों या योजना आयोगों की बहु-विषयक संस्थाओं में पुनर्विन्यास का समर्थन करता है जो कार्यनीतिक नीति नेतृत्व प्रदान करने और साक्ष्य आधारित योजना को बढ़ावा देने में सक्षम हैं। यह मिशन अनुवीक्षण और मूल्यांकन (एम एंड ई) प्रणालियों के विकास को सुगम बनाता है, डेटा संचालित शासन को बढ़ावा देता है, तकनीकी और संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाता है और प्रमुख ज्ञान संस्थाओं के साथ साझेदारी को सक्षम बनाता है।

उद्देश्य:

  1. स्टेट इंस्टीट्यूशन्स फॉर ट्रान्सफॉर्मेशन की स्थापना करना अथवा मौजूदा योजना विभागों/ बोर्डों को सुदृढ़ करना।
  2. प्रमुख विकास चालकों और सक्षमकर्ताओं की पहचान करने में राज्यों को सहायता प्रदान करना, और आर्थिक विकास को गति देने के लिए उनका लाभ उठाना।
  3. साक्ष्य आधारित नीति निर्माण को मजबूत करने के लिए प्रमुख ज्ञान संस्थाओं (एलकेआई) की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों का समर्थन करना।
  4. अनुवीक्षण और मूल्यांकन इकोसिस्टम और डेटा विश्लेषणात्मक प्रणालियों को मजबूत करने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को सक्षम बनाना।
  5. राज्यों के बीच क्रॉस-लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए एक ज्ञान साझाकरण मंच बनाना।
एसएसएम घटक
  1. कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू)

    कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) मिशन के तहत वित्त पोषित बहु-विषयक तकनीकी सहायता इकाई है और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित एसआईटी के भीतर स्थित है जिसमें एक टीम लीड सहित नौ क्षेत्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं, पीआईयू राज्य कार्यान्वयन टीम (एसआईटी) को तकनीकी और परिचालन सहायता प्रदान करने के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र योजना विभाग/योजना बोर्ड के साथ मिलकर काम करता है। मिशन गतिविधियों की प्रभावी योजना, कार्यान्वयन, समन्वय और निगरानी को सुकर बनाने के लिए पीआईयू राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार की देखरेख में कार्य करता है।

  2. अनुवीक्षण, मूल्यांकन और डेटा एनालिटिक्स इकाई (एम एंड ई)

    अनुवीक्षण और मूल्यांकन (एम एंड ई) इकाई एसआईटी का एक अभिन्न अंग है जो साक्ष्य- आधारित नीति निर्माण और परिणाम-प्रेरित शासन का समर्थन करती है। यह इकाई कार्यक्रम कार्यान्वयन की व्यवस्थित निगरानी, परिणामों के आकलन और नीति परिष्करण, संसाधन प्राथमिकता और मध्यावधि सुधार के लिए समय पर अंतर्दृष्टि प्रदान करके सूचित करने में सक्षम बनाती है।

  3. लीड नॉलेज इंस्टीट्यूशन (एलकेआई)

    एसआईटी को समर्थन प्रदान करने के लिए विशेषज्ञता और क्षेत्रीय डोमेन ज्ञान लाने के लिए क्रॉस-सेक्टोरल साझेदारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को मिशन मानता है। ये संस्थाएं सरकारी विभागों की क्षमता बढ़ाने, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए प्रणाली बनाने और शासन प्रथाओं में नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

  4. ज्ञान उत्पाद

    नीति आयोग नियोजन और शासन को मजबूत करने के लिए ज्ञान उपकरणों का एक सेट प्रदान करता है। इनमें 'नीति फॉर स्टेट्स पोर्टल' शामिल है जो डेटा, नीतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं का एक भंडार है; 'विकसित भारत स्ट्रैटेजी रूम' जो सुविज्ञ निर्णय लेने के लिए एक डेटा विज़ुअलाइज़ेशन प्लेटफॉर्म है; और 'नीति तारा' जो एक पोर्टेबल समाधान है तथा कभी भी, कहीं भी ज्ञान उत्पादों तक पहुंच को सक्षम बनाता है।

  5. कार्यशालाएं, अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण

    यह मिशन एसआईटी , राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों के बीच परस्पर सीखने, समकक्ष आदान-प्रदान और सहयोग को सुकर बनाने के लिए कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और ज्ञान-साझाकरण मंचों का आयोजन करता है।

ज्ञान उत्पाद
  1. नीति फॉर स्टेट्स: ऑनलाइन पोर्टल

    नीति फॉर स्टेट्स पोर्टल (www.nitiforstates.gov.in ) एक डिजिटल ज्ञान भंडार है जो राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के बीच ज्ञान साझा करने और परस्पर सीखने को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं, नीतिगत दस्तावेजों, डेटासेट और विश्लेषणात्मक उपकरणों का आयोजन करता है। यह प्लेटफॉर्म राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर सरकारी अधिकारियों को मजबूत, संदर्भ-प्रासंगिक और व्यावहारिक ज्ञान व अंतर्दृष्टि से लैस करके शासन के डिजिटल परिवर्तन को सुगम बनाता है, जिससे उनके निर्णय लेने की गुणवत्ता में सुधार होता है।

  2. विकसित भारत स्ट्रैटेजी रूम

    वीबीएसआर एक डिजिटल रूप से समावेशी, परस्पर संवादात्मक अनुभव कक्ष है जो उपयोगकर्ताओं को डेटा, रुझान, सर्वोत्तम प्रथाओं और नीतियों को देखने में सक्षम बनाता है जिससे वे किसी भी समस्या का समग्र मूल्यांकन कर सकते हैं और व्यक्तिगत रूप से प्रभावी निर्णय ले सकते हैं। इसे राज्यों के लिए एक प्रतिकृति मॉडल के रूप में डिज़ाइन किया गया है, यह दर्शाता है कि विकास परिणामों की योजना, अंतर्विभागीय समन्वय और निगरानी में सुधार के लिए कई डेटासेट को एक साथ कैसे लाया जा सकता है। इस मॉडल को बिहार में बीआईपीएआरडी, गया में जेन नेक्स्ट लैब के माध्यम से, एलबीएसएनएए, मसूरी को विकसित बिहार कार्यनीतिक कक्ष, पटना में अनुकरण किया गया है, साथ ही कई अन्य राज्यों ने डेटा-संचालन, निर्णय-निर्माण और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने हेतु ऐसे वीबीएसआर विकसित करने में रुचि व्यक्त की है।

  3. नीति तारा

    नीति तारा (विश्लेषण, समीक्षा और कार्रवाई के लिए टूलकिट) एक कॉम्पैक्ट, पोर्टेबल, इंटरनेट-सक्षम, आल-इन-वन उपकरण है जो डेटा-संचालन, निर्णय-निर्माण को जिला और ब्लॉक स्तर पर समर्थन देने के लिए कंप्यूटिंग, प्रोजेक्शन, ऑडियो-विजुअल क्षमताओं और इंटरैक्टिविटी को एकीकृत करता है। यह क्षेत्र विकास कार्यनीति(एडीएस) https://niti.pmgatishakti.gov.in/NitiIndia/login और सूचना और ट्रांसक्रिप्शन इंटरफेस (स्मृति) की बैठक की रिकॉर्डिंग के लिए प्रणाली (एसएमआरआईटी) जैसे अंतर्निहित उपकरणों युक्त है, जो योजना, समीक्षा, दस्तावेजीकरण और साक्ष्य-आधारित शासन को सक्षम बनाता है।

कार्यशालाएं

महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को सुदृढ़ करने, नवाचार-नेतृत्व और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने तथा ज्ञान साझाकरण को सुविधाजनक बनाने के लिए क्षमता-निर्माण संबंधी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। ये कार्यशालाएं शासन की चुनौतियों से निपटने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, राज्य परिवर्तन संस्थानों (एसआईटी), प्रमुख ज्ञान संस्थानों एलकेआई और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करती हैं।

  1. क्षेत्रीय कार्यशालाएं

    राज्य सहायता मिशन (एसएसएम) के तहत क्षेत्रीय कार्यशालाएं नीति आयोग और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के एसआईटी को अपने अनुभवों को साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रदर्शन करने, कार्यान्वयन की चुनौतियों पर चर्चा करने और संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर सहकर्मी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं। अब तक तीन क्षेत्रीय कार्यशालाएं और प्रमुख ज्ञान संस्थानों के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है:

    1. उत्तरी क्षेत्र:

      देहरादून, उत्तराखंड (2 जून 2025) – सेतु आयोग के सहयोग से आयोजित, जिसमें 10 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के 150 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

    2. दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र:

      पुणे, महाराष्ट्र (25 सितंबर 2025) – महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्रा) के सहयोग से आयोजित, जिसमें 11 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    3. पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र:

      अगरतला, त्रिपुरा (3 फरवरी 2026) – त्रिपुरा इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (टी आई एफ टी) के सहयोग से आयोजित, जिसमें पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के 120 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

    4. विकसित राज्य के लिए ज्ञान संस्थानों के लाभ उठाने पर सम्मेलन:

      रुड़की, उत्तराखंड (8 अक्टूबर 2025) – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) रुड़की के सहयोग से आयोजित, जिसने नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति निर्माताओं और आईआईटी, आईआईएम व केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अकादमिक लीडरों को एक साथ लाया। यह आयोजन 'विकसित भारत @2047' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए साझेदारी को बढ़ावा देने पर केंद्रित था।

    इन कार्यशालाओं ने अंतर-राज्यीय सहयोग को मजबूत किया है, ज्ञान के आदान-प्रदान को सुगम बनाया है और देश भर में राज्य सहायता मिशन के कार्यान्वयन को गति दी है।

  2. नीति- राज्य कार्यशाला श्रृंखला

    राज्य सहायता मिशन (एसएसएम) के तहत शुरू की गई नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला, नीति आयोग और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के बीच नीतिगत संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक समस्या-समाधान के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है। सामाजिक-आर्थिक विकास और उभरती राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से संबंधित विषयों को शामिल करते हुए, ये कार्यशालाएं “क्रॉस-लर्निंग” को बढ़ावा देती हैं, साक्ष्य-आधारित नीति सिफारिशें तैयार करती हैं और प्रभावी नीति कार्यान्वयन के लिए राज्य की क्षमताओं को मजबूत करती हैं। जुलाई 2026 तक, विभिन्न क्षेत्रों में 78 से अधिक नीति- राज्य कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं।

रिपोर्ट
शीर्षक डाउनलोड
नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला पर एक सार-संग्रह- वित्त वर्ष 2024-25 में राज्यों को समर्थन देने के लिए एक पहल PDF icon
कार्यशाला के प्रमुख निष्कर्षों पर एक सार-संग्रह - वित्त वर्ष 2023-24 में राज्यों को समर्थन देने के लिए एक पहल PDF icon
एसएसएम दिशानिर्देश PDF icon
सांकेतिक कार्य योजना PDF icon
अधिकारी निर्देशिका
नाम पदनाम ईमेल
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श्री शोयाबाअहमद कलाल निदेशक s[dot]kalal[at]nic[dot]in
डॉ. (सुश्री) अमृत पाल कौर सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ amrit[dot]pal44[at]nic[dot]in
सुश्री हिमानी सचदेवा परामर्शदाता ग्रेड II himani[dot]sachdeva[at]nic[dot]in
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श्री हेमांग चूडासामा परामर्शदाता ग्रेड I hemang[dot]chudasama[at]niti[dot]gov[dot]in
श्री दीपक नैलवाल अनुभाग अधिकारी deepak[dot]nailwal[at]gov[dot]in
सुश्री अंजना विजयन यंग प्रोफेशनल anjana[dot]vijayan[at]niti[dot]gov[dot]in
श्री ऋषभ कश्यप यंग प्रोफेशनल rishabh[dot]kashyap[at]niti[dot]gov[dot]in
श्री जेरी चिन्नान वी यंग प्रोफेशनल jerry[dot]chinnan[at]niti[dot]gov[dot]in
सुश्री अपर्णा केएस यंग प्रोफेशनल aparna[dot]ks[at]niti[dot]gov[dot]in
श्री अमन यादव सहायक अनुभाग अधिकारी aman[dot]yadav2001[at]gov[dot]in
श्री अरविंद कुमार सहायक अनुभाग अधिकारी arvind[dot]kumar1997[at]niti[dot]gov[dot]in