- संक्ष्प्ति विवरण
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इस प्रभाग का व्यापक विजन वनों के सतत प्रबंधन; वन्यजीवों और उनके रहने के स्थानों की सुरक्षा; स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण के रख-रखाव; तथा जलवायु परिवर्तन के शमन के लिए उपयुक्त कार्यनीतियों और नीतियों के निर्माण में शामिल होना है। प्रभाग का उद्देश्य शिक्षाविदों, थिंक टैंकों और केंद्र तथा राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्रों सरकारों सहित सभी हितधारकों के साथ प्रभावी परामर्श के माध्यम से नीतिगत ढांचे में सुधार करना है।
पर्यावरण और वन प्रभाग नीति निर्माण के प्रमुख तत्वों में प्रासंगिक कार्यनीतिक और तकनीकी सलाह प्रदान करता है और हमारे पर्यावरणीय संसाधनों की रक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रसार करता है। प्रभाग राष्ट्रीय विकास के लिए परियोजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु केंद्र/राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों /अन्य हितधारकों के बीच अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-विभागीय मुद्दों को हल करने के लिए अंत:क्षेप करता है।
- मुख्य कार्य
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नीतिगत विश्लेषण और निर्माण
प्रभाग संबंधित क्षेत्रों में लागू कार्यनीतियों और नीतियों की नियमित रूप से समीक्षा और विश्लेषण करता है और दिशात्मक इनपुट प्रदान करता है। प्रभाग देश की बदलती जरूरतों के अनुसार और संसाधनों पर बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए नई नीतियों को तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाता है।
परियोजना विश्लेषण और मूल्यांकन
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एसएफसी /ईएफसी के विचारार्थ विभिन्न परियोजना प्रस्तावों का परीक्षण।
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बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं का परीक्षण और वित्तीय सहायता के लिए तकनीकी टिप्पणियां और सिफारिशें प्रस्तुत करना।
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बहुपक्षीय संस्थानों और समूहों के साथ कार्यान्वयन योजनाएं/समझौता ज्ञापन ।
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दे, और तकनीकी तथा वित्तीय व्यवहार्यता पर टिप्पणियां प्रस्तुत करना।
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मंत्रालयों की टिप्पणियों और अनुमोदन के लिए सीसीईए, स्थापना व्यय समिति /सुरक्षा पर कैबिनेट समिति हेतु कैबिनेट नोट्स/क्षेत्र के रूप में प्रस्ताव।
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विकास के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए सलाहकारों को शामिल करने हेतु योग्यता-सह-प्रस्ताव अनुरोध दस्तावेज तैयार करना।
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के संबंध में शोध प्रस्ताव।
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- संबधित मंत्रालय/ संबंधित हितधारक
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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- रिपोर्ट
- परियोजनाएं
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निम्नलिखित अनुसंधान अध्ययन पूरे हो चुके हैं
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कोल माइनिंग, विस्थापन एवं ग्रामीण आजीविका : ए स्टडी इन महानदी कोल फील्ड, ओडिशा, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राउरकेला द्वारा संचालित।
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सोशियो-इकोनॉमिक इंपैक्ट स्टडी ऑफ माइनिंग एंड माइनिंग पॉलिसीज ऑन लाइवलीहुड्स ऑफ लोकल पापुलेशन इन विंध्यन रीजन ऑफ उत्तर प्रदेश, सेंटर फॉर सोशल फॉरेस्ट्री एंड इको-रिहैबिलिटेशन, इलाहाबाद द्वारा संचालित।
आगामी/चालू:
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भारत में बांस की संपदा का दोहन करने में चुनौतियां और संभावनाएं- अप्रैल, 2023 में माननीय सदस्य (कृषि), नीति आयोग की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षाविदों, उद्योगों और संबंधित मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ देश में बांस की संपदा का दोहन करने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई थी। तदनुसार, भविष्य की कार्य योजना पर विचार-विमर्श किया गया।
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भारत में बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के लिए बायोडिग्रेडेबिलिटी परीक्षण अवधि को कम करने के लिए वैकल्पिक मानदंडों और आईएस 17899 टी :2022 में संशोधन पर चर्चा और विचार- विमर्श करने के लिए माननीय सदस्य (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), नीति आयोग की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।
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- अधिकारी निर्देशिका
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नाम पदनाम ईमेल श्री राजनाथ राम सलाहकार rajnath-pc[at]nic[dot]in सुश्री पूनम कपूर अनुसंधान अधिकारी Poonam[dot]kapur[at]gov[dot]in श्री सतीश नागर सहायक अनुभाग अधिकारी nitish[dot]nagar91[at]gov[dot]in
